अयोध्या (निबंध) Ayodhya
मंदिरों की नगरी अयोध्या हिन्दू धर्म का अत्यन्त पवित्र पुण्य क्षेत्र माना जाता है । धर्म ग्रंथो के अनुसार उच्च कोटि के तीर्थो में से एक अयोध्या भी है । इस स्थान पर लगभग 7500 मंदिर है । इसके उत्तर और पश्चिम दिशा में सरयू नदी बहती है ।
पुराणों के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ के तीन रानियो से चार पुत्र थे । माता कौशल्या कैकेई तथा सुमित्रा उनके नाम थे । पुत्रो के नाम राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघ्न था । चारो पुत्रो में सबसे बड़े रामचन्द्र जी थे । वह मृदु भाषी विनम्र साहसी बलवान धैर्यवान एवम् आदर्श आचरण की प्रतिमूर्ति थे ।
अयोध्या के भव्य मन्दिरो में प्रत्येक दिन धार्मिक आयोजन होते रहते है । वहा के मंदिरों लाखो साधु संत एवम् श्रद्धालु हमेशा भजन करते रहते हैं । वहा के मंदिरों से हमेशा भजन की ध्वनि हृदय को मंत्र मुग्ध कर लेती है ।
सबको अपना दुःख दर्द कष्ट भूल जाता है । संतो के आशीर्वचनों से मन प्रसन्न आह्लादित आकर्षित एवम् भाव विभोर हो जाता है । अदृश्य शक्तियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता तथा जिम्मेदारियों का बोध हो जाता है ।
सड़कों पर विभिन्न जिलों और राज्यो के वाहनों से लोग वहां पहुंचते हैं । रेल मार्ग और वायु मार्ग के साधनों से भी लोग वहां पहुंचते है। सरयू नदी के नया घाट से लेकर हनुमानगढ़ी चौराहा तक आम आदमी पैदल ही पूजा अर्चना की सामग्री के साथ आते जाते देखे जा सकते हैं।
गंगा बड़ी गोदावरी तीर्थ राज प्रयाग
सबसे बड़ी अयोध्या नगरी जहा राम लिए अवतार ।

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