मंगल पाण्डेय जीवन परिचय Mangal Pandey Biography
मंगल पाण्डेय महान देशभक्त और भारत माता के वीर सपूत थे । उनका जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा ग्राम में हुआ था। उनके पिता जी का नाम दिवाकर पांडेय और माता जी का नाम अभयरानी पांडेय था। मंगल पाण्डेय जी सन् 1849 में 22 साल की उम्र में ईस्ट इंडिया कंपनी के सेना के 34 वीं बटालियन में भर्ती हुए। गाय की चर्बी से बने कारतूस अर्थात बंदूक की गोली को मुंह से खोलने से उन्होंने माना कर दिया । इस तरह उन्होंने केवल सन् 1849 से सन् 1857 तक नौकरी करने के पश्चात बगावत कर दिया। वह बहुत ही साहसी पराक्रमी एवम् शूरवीर थे । उनके ऐसा करने से बौखलाए अंग्रेज़ो ने लगभग 34000 कानून बनाया जो भारतीयों पर लागू हुआ । अंग्रेजो ने भविष्य में और किसी प्रकार की बगावत को रोकने के लिए ऐसा किया। भारत सरकार ने सन् 1984 में मंगल पाण्डेय जी के नाम पर एक डाक टिकट जारी किया था। मंगल पाण्डेय जी को बराकपुर कैंटोंटमेंट में 8 अप्रैल 1857 को अंग्रेजो के द्वारा फांसी की सजा दी गई । इस प्रकार उन्होंने हंसते हंसते अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनको शत शत नमन ।