चंद्रगुता मौर्य (निबंध)Chandragupta Maurya
चन्द्रगुप्त मौर्य एक चक्रवर्ती सम्राट थे । उनका जन्म 345 ईसा पूर्व में हुआ था। उनका जन्म स्थान तत्कालीन पिपली वन जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास का क्षेत्र माना जाता है।
उनके पिता का नाम महाराज चंद्रवर्धन मौर्य तथा उनके माता का नाम महारानी माधुरा था । उनके पत्नी का नाम दुर्धरा था । बिन्दुसार उनका पुत्र और उत्तराधिकारी था ।
सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य जी मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे । उनके राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र वर्तमान में पटना के नाम से विख्यात है।
चन्द्रगुप्त ने लगभग 24 वर्ष शासन किया उसके राज्य की सीमा बहुत ही विस्तृत थी । सम्पूर्ण पूर्वी भारत उत्तर भारत के साथ ही साथ उसका राज्य बलूचिस्तान मैसूर और सौराष्ट्र तक फैला हुआ था।
चाणक्य जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है। वे चन्द्रगुप्त मौर्य के गुरु थे। सम्राट उनका अत्यधिक सम्मान एवम् आदर करते थे।
शासन व्यवस्था का तरीका स्पष्ट रूप से गुरु चाणक्य की पुस्तक कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित पद्धति के अनुसार चलती थी।
मेगस्थनीज ने चन्द्रगुप्त के राज में यूनानी राजदूत बनकर अपना बहुमूल्य सेवा प्रदान किया ।
सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य की मृत्यु 298 ईसा पूर्व में कर्नाटक के में हुई थी।

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