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श्री राम शर्मा या आचार्य श्री राम शर्मा (निबंध) Shree Ram Sharma Gayatri Pariwar

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  श्री राम शर्मा  जी को आचार्य श्री राम शर्माके नाम से भी जानते है। उनका जन्म 20सितम्बर 1911 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा जनपद के आंवल खेड़ा नामक स्थान पर हुआ था। श्री राम शर्मा जी के पिता जी का नाम रूप किशोर शर्मा था। उनके माता जी का नाम राम कुवरि था। उनके पत्नी का नाम भगवती देवी शर्मा था। श्री राम शर्मा जी प्रकांड विद्वान आधात्मिक गुरु दार्शनिक और महान लेखक थे। उन्होंने लगभग चार हजार पुस्तके लिखी थी। वह एक अद्वितीय भास्यकार अर्थात टीकाकार भी थे। उन्होंने लगभग सभी वेद पुराण शास्त्र उपनिषद और स्मृतियों का अर्थ लिखा है। उन्होंने विचार क्रांति गायत्री और यज्ञ तथा युग निर्माण आदि हजारों पुस्तके और धर्मग्रंथ लिखे है। श्री राम शर्मा जी अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक थे। इसका प्रधान अर्थात मुख्य कार्यालय शांतिकुंज हरिद्वार में है। वे गायत्री माता के परम विद्वान भक्त थे। वह एक हिन्दू धर्म गुरु की तरह हिन्दुओं को जागरूक करके उनको सन्मार्ग पर अग्रसर करने का कार्य किए। श्रद्धेय परम सम्मान प्राप्त श्री राम शर्मा जी की मृत्यु 2जून 1990 को हरिद्वार में हुई।

तिरंगा (निबंध), Tricolor Tiranga

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  भारतवर्ष में हम सब तिरंगा शब्द सुनते हैं तो मात्र राष्ट्र ध्वज का विचार हृदय में प्रस्फुटित होता है। हमारा राष्ट्रीय झण्डा तीन रंगों का है अतः हम सभी इसे तिरंगे के नाम से पुकारते हैं। सबसे ऊपर केसरिया बीच में सफेद आौर नीचे हरा रंग होता है।  यह झण्डा 3:2 अर्थात 3 लंबाई और 2 चौड़ाई का होता है ।इसके बीच की सफेद पट्टी में नीले रंग का एक चक्र होता है जिसमें 24 तीलिया होती है । यह चक्र महान सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से लिया गया है । तीन रंगों की पट्टियों से बने इस झण्डे को तिरंगा अथवा भारत देश के राष्ट्र ध्वज के नाम से जानते हैं।  राष्ट्रीय पर्व या त्यौहारों पर तिरंगे को सभी स्कूलों एवं सरकारी कार्यालयों के साथ ही बड़े प्रतिष्ठानों पर फहराया जाता है। राष्ट्रगान गाया जाता है । अपने देश के आजादी के शहीदों को याद किया जाता है । उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने के साथ ही विचार व्यक्त किया जाता है। राष्ट्रीय शोक की स्थिति में राष्ट्रीय ध्वज को झुका दिया जाता है अर्थात ऊपर से थोड़ा नीचे कर दिया जाता है  और अपना शोक प्रदर्शित किया जाता है। यह झण्डा हमें गर्व की अनुभूति करा...

नारी या स्त्री (निबंध) Woman

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  नारी इस संसार में त्याग और तपस्या की साक्षात मूर्ति है । परिवार समाज शहर और राष्ट्र प्रत्येक स्तर पर इनकी अमिट छाप है । इनके कृत्य समाज को दिशा देते हैं । परिणास्वरूप समाज और संस्कृति के मूल स्वरूप का निर्माण होता है । यही  देश की पहचान और संस्कृति का आधार होती है।  सांस्कृतिक इतिहास यह बताता है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर नारी का प्रभाव निश्चित रूप से होता है। नारी प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में विभिन्न रिश्तों में विद्यमान है।  सर्वप्रथम नारी मां के रूप में प्रत्येक व्यक्ति अथवा प्राणी को अपना सहयोग प्रदान करती है।   सभी प्रकार के कष्ट तथा दुःख दर्द सहते हुए संतान की प्रगति प्राप्ति में अपना अतुलनीय योगदान देती है। परिवार में अन्य रिश्तों में भी नारी विद्यमान है । बहन बुआ बेटी मौसी चाची नानी आदि रिश्तों में भी नारी मनुष्य की उन्नति में सहायक बनती है।प्रत्येक रिश्ते अपना अपना महत्व रखते हैं। किसी रिश्ते से कोई सहयोग होता है तो दूसरे से कोई और सबका अपनी पहचान है। पत्नी के रूप में नारी अपनी प्रमुख भूमिका में होती है । यह पत्नी भी मां की ऋणी होती है। क्...

लड़की (निबंध) ,Girl

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  आज के दौर में लड़की जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपना योगदान दे रही है। संसार के प्रत्येक देश में यह महसूस किया जा रहा है कि चाहे वह शिक्षा स्वास्थ्य चिकित्सा इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी का क्षेत्र हो सभी क्षेत्रों में लड़कियां अपना अतुलनीय योगदान दे रही है। समाज कल्याण के क्षेत्र में भी उनका सहयोग नजर अंदाज नहीं किया जा सकता । समन्वय और सामयिक समायोजन तो एक प्रकार से उन्ही के द्वारा आविष्कार किया गया तरीका है जिसे हम आप सभी अपनाते हैं।समाज किसी भी तरह से उनके सहयोग को छोटा नहीं समझ सकता। समाज और संस्कृति इस संसार में अपना महत्व पूर्ण स्थान रखती है। इस विषय में भी लड़कियों का योगदान उल्लेखनीय है । संस्कृति की पहचान तो उन्हीं के क्रियकलापों में स्पष्ट रूप से झलकती है। उनके कृत्य हमेशा अग्रणी भूमिका का निर्वाह करते है।चाहे वह कोई भी परम्परा और संस्कार हो  सभी में उनका सम्मानित स्थान है।  परिवार और कुटुम्ब के स्तर पर भी यदि नजर डाली जाए तो हम यही रुझान देखते है । यहां भी वह अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करती है साथ ही निर्वाह भी करती हैं।  सभी समीक्षाएं करने के बाद हम इस न...

मथुरा ( निबंध) Mathura

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  मथुरा हिन्दू धर्म का  प्राचीन नगर है । यह भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला है । जिसका अत्यधिक धार्मिक महत्व है । यह यमुना नदी के किनारे पर बसा है ।  भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म मथुरा में हुआ था । उनके पिता वासुदेव और माता देवकी जेल में बंद थे । कारागार में ही उनका जन्म हुआ था। जन्म के पश्चात उनके पिता ने देखा कि सारे सुरक्षा बल के जवान सो गए हैं तो उन्होंने कृष्ण जी को सुरक्षित पालन पोषण के लिए नन्द जी के घर पहुंचा दिया ।  मथुरा में आज भी हजारों मंदिर है । हिंदू धर्म के अनुयायियों के अत्यधिक आवागमन के कारण यहां प्रत्येक दिन मेला जैसा वातावरण रहता है । यहां आवागमन के तीनों प्रकार सड़क रेल तथा वायु मार्ग के साधन उपलब्ध रहते हैं ।  धार्मिक भावनाओं से सराबोर भक्त लोगो को यहां गली गली सहजता से  देखा  जा सकता है। लोग अपनी व्यवस्था एवम् सामर्थ्य के अनुसार सुविधाजनक तरीके से पूजा प्रार्थना करते है ।  मथुरा का मुख्य मंदिर कृष्ण जन्म भूमि है । प्रतिदिन यहां लाखो लोग दर्शन पूजन अर्चन एवम् वंदन के लिए आते हैं । यद्यपि यहां एक से बढ़कर एक आकर्षक और ...

वाराणसी (निबंध) Varanasi or Kashi

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  वाराणसी का प्राचीन नाम काशी है । ऐसी मान्यता है कि यह विश्व का प्राचीनतम शहर है । यह भी कहा जाता है कि यह त्रिशूल पर स्थित है। यह संसार की आध्यात्मिक राजधानी अर्थात केंद्र बिंदु माना जाता है। यह गंगा नदी के किनारे बसा है । हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से मुख्य विश्वनाथ जी का मंदिर यहां पर स्थित है । यह गंगा नदी के दशाश्वमेध घाट के पास है । सुबह चार बजे से ही साधु संत श्रद्धालु तथा पुजारी लोग पूजा अर्चना में लीन हो जाते हैं।  वाराणसी में गंगा नदी के किनारे इसकी प्राचीन धरोहर और विरासत के भव्य आकर्षण है। यह नजारा यह दर्शाता है कि इस शहर का प्राचीन इतिहास अत्यधिक गौरवशाली एवम् वैभव संपन्न था ।  लगभग सभी आध्यात्मिक संस्थाओं की शाखाएं एवम् कार्यालय यहां निर्मित किए गए हैं। विभिन्न संत जैसे  कबीर रविदास तुलसीदास आदि के भी मंदिर एवम् कार्यालय यहां पर स्थित है  काशी विश्वनाथ मंदिर संकट मोचन मंदिर तुलसी मानस मंदिर रत्नेश्वर महादेव मंदिर दुर्गाकुंड आदि यहां के प्रमुख आकर्षण है। हजारों की संख्या में यहां मंदिर है  गंगा नदी के किनारे ल...

अयोध्या (निबंध) Ayodhya

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  मंदिरों की नगरी अयोध्या हिन्दू धर्म का अत्यन्त पवित्र पुण्य क्षेत्र माना जाता है । धर्म ग्रंथो के अनुसार उच्च कोटि के तीर्थो में से एक अयोध्या भी है । इस स्थान पर लगभग  7500 मंदिर है । इसके उत्तर और पश्चिम दिशा में सरयू नदी बहती है ।  पुराणों के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ के तीन रानियो से चार पुत्र थे । माता कौशल्या कैकेई तथा सुमित्रा उनके नाम थे । पुत्रो के नाम राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघ्न था । चारो पुत्रो में सबसे बड़े रामचन्द्र जी थे । वह मृदु भाषी विनम्र साहसी बलवान धैर्यवान एवम् आदर्श आचरण की प्रतिमूर्ति थे ।  अयोध्या के भव्य मन्दिरो में प्रत्येक दिन धार्मिक आयोजन होते रहते है । वहा के मंदिरों लाखो साधु संत एवम् श्रद्धालु हमेशा भजन करते रहते हैं । वहा के मंदिरों से हमेशा भजन की ध्वनि हृदय को मंत्र मुग्ध कर लेती है ।  सबको अपना दुःख दर्द कष्ट भूल जाता है । संतो के आशीर्वचनों से मन प्रसन्न आह्लादित आकर्षित एवम् भाव विभोर हो जाता है । अदृश्य  शक्तियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता तथा जिम्मेदारियों का बोध हो जाता है ।  सड़कों पर विभिन्न जिलों और राज्यो...

गूगल (निबंध) Google

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गूगल संसार का अत्यधिक महत्वपूर्ण साधन है । यह आज के युग में मानव जीवन एवम् मानव समाज के लिए वरदान साबित हुआ है। गूगल इंटरनेट पर चलने वाला एक सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम है । यह एक सर्च इंजन है । इस सर्च इंजन पर एक निश्चित प्रक्रिया के माध्यम से जानकारियां  अपलोड की जाती हैं। जिसे आवश्यकता के अनुरूप लोग सर्च और डाउनलोड करते हैं।  गूगल पर आज की तारीख में विश्व के प्रत्येक क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति इंटरनेट के माध्यम से उन जानकारियों का लाभ उठा सकता है। गूगल एक आश्चर्यजनक किन्तु सत्य मार्ग है। जिसके द्वारा संसार का कोई भी ज्ञान बहुत ही कम समय में प्राप्त किया जा सकता है।

भोजन (निबंध) Food or Meal

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भोजन इस संसार के प्रत्येक प्राणी के लिए जीवन का विकल्प है । अर्थात बिना भोजन के सामान्य रूप में  जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है । भोजन हमारे शरीर में ताकत प्रदान करता है। जिससे हम तरह तरह के कार्य आसानी और सरलता से करने में समर्थ होते हैं। भोजन के प्रकार :  सामान्यतया भोजन दो प्रकार का होता है। शाकाहारी और मांसाहारी शाकाहारी भोजन जैसे कि पौधों से प्राप्त अनाज के द्वारा बनाए गए भोजन उदाहरण के लिए रोटी सब्जी चावल दाल फल मेवे तथा जानवरों से प्राप्त दूध है । वास्तव में मनुष्य के लिए संसार के मालिक ने यही भोजन निर्धारित किया है। परन्तु अपने अधिकारों का अतिक्रमण और दुरुप्रयोग करके मनुष्य मांसाहार भी करता है। यह सर्वथा अनुचित है। मांसाहार ऐसा भोजन को मांस का उपयोग करके प्राप्त किया जाता है । उस मांसाहार कहते है।

कपड़ा (निबंध) , Textile or Cloth

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  कपड़ा मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक एवम् अत्यधिक उपयोगी  वस्तु है । कपड़े के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है  । प्रत्येक मौसम जाड़ा गर्मी बरसात शिशिर ऋतु के आगमन पर लोग अपने वस्त्रों को बदलते हैं। कपड़ा धागा से बनता है । सबसे पहले रेशे से धागा बनता है फिर धागे को लूम के द्वारा बुनाई करके कपड़े बनाए जाते हैं। धागा कई तरह का होता है। सूती पॉलिस्टर टेरीकॉट ऊनी आदि प्रकार के धागे होते हैं। कपड़ा हमें सर्दी के मौसम में ठंड़क से बचाता है । सर्दी से बचने के लिए हम तरह तरह के वस्त्र पहनते हैं ।इस मौसम में ऊनी वस्त्रों का विशेष महत्व है। सब लोग अपने अपने आर्थिक स्थिति के अनुसार कपड़े खरीदकर पहनते हैं। कुछ लोग स्वेटर तो कुछ सूट खरीद कर या सिलवाकर पहनते है। कपड़ा बेचने वाले लोगो की अलग एक नई बाज़ार भी लग जाती है। कुछ लोग मफलर मोजा इनर आदि बेचते हैं । वहीं कुछ लोग स्वेटर जैकेट कोट उनी पैंट आदि का व्यवसाय करते है। कपड़ा बनाने के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण रेशा और धागा है। 

घर आवास , मकान (निबंध) , Home , House , Shelter

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  मनुष्य को अपने जीवन में एक घर की आवश्यकता होती है । जीवन के लिए आश्रय  नितान्त महत्वूर्ण जरूरत है । घर से रहित जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।  मनुष्य ही नहीं अपितु अन्य जीवों के संरक्षण के लिए भी आश्रय स्थल का अत्यधिक महत्व है। आवास जीव की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। घर कई प्रकार के होते हैं। जैसे पत्थर ईट और कंक्रीट के तथा मिट्टी एवम् घास फूस से बने हुए। टेंट हाउस या कैंपिंग हाउस भी बनाया जाता है।  उपरोक्त प्रकार के घर को हम दो प्रकार में बांट सकते हैं। पक्का और कच्चा घर। पक्का घर काफी मजबूत होता है।इस प्रकार के घर आग पानी गर्मी से प्रभावित नहीं होते । कच्चा घर पर आग पानी और गर्मी का असर पड़ता है। इस तरह के घर में जाड़ा में ठंड अधिक लगती और वर्षा ऋतु में  भी पानी टपकने की समस्या आती है। इसमें अगर लकड़ी और घास फूस का प्रयोग किया गया है तो आग से भी डर बना रहता है।

पुस्तक , किताब (निबंध) Book

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  मानव जीवन पुस्तक के बिना महत्व रहित है। मनुष्य को जीवन के प्रत्येक कदम पर पुस्तक से सहायता लेनी पड़ती है । यद्यपि हम शिक्षक एवम् गुरु लोगो के साथ ही अपने अपने माता ,पिता अभिभावक तथा अन्य बड़े लोगो से भी सहयोग लेते है । सभी प्रकार का ज्ञान किसी भी तरह से सर्वप्रथम पुस्तकों से ही प्राप्त होने के बाद क्रमशः छोटे लोगों को प्राप्त होता है। पुस्तक को सामान्य तौर पर तीन वर्गो में बांटा जा सकता है।  शैक्षिक  ज्ञान वर्धक रोजगार परक मनोरंजक शैक्षिक पुस्तक : ऐसी पुस्तके जो किसी एक विषय पर शिक्षा प्रदान करती है । वह शैक्षिक पुस्तके कहलाती है। ज्ञान वर्धक पुस्तके जो तर्क शक्ति या विश्व आदि के बारे में सामान्य शिष्टाचार का ज्ञान देती है। वह पुस्तके ज्ञान वर्धक पुस्तके कहलाती है। रोजगार परक पुस्तके आजीविका प्रदान करने का मार्ग बताती है । सामान्य तौर पर आय का स्रोत तथा मार्ग एवम् विधि बताने वाली पुस्तके रोजगार परक शिक्षा की पुस्तकें मनी जाती है। मनोरंजक पुस्तके कहानियां चुटकुले आदि के द्वारा मनोरंजन करती है।

गाय , अद्भुत वरदान (निबंध) Cow

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  गाय हम सभी के लिए अनेकों प्रकार से उपयोगी है । यह मानव समाज को अनेकों प्रकार से सहयोग प्रदान करती है। इसके महत्व को शब्दों में बता पाना संभव नहीं है । क्योंकि गाय सम्पूर्ण समाज को भेद - भाव रहित अतुल्य सहायता करती है ।  गाय हम सब को दूध देती है। यह दूध पूर्ण भोजन माना जाता है। इसका अर्थ यह है कि दूध में मनुष्य के स्वस्थ  शरीर के लिए आवश्यक सभी प्रकार के तत्व मौजूद होते हैं। दूध में सभी प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।  दूध में फैट यानी वसा तथा कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन खनिज तत्व लवण विटामिन आदि सभी प्रकार के पोषक तत्व उपलब्ध है। इतना गुणवत्तपूर्ण भोजन प्रदान करने वाले को माता का दर्जा प्रदान करना सर्वथा उचित है।  गाय से हमारा नाता है वह हम सबकी माता है।गाय की सेवा जो करता है वह सब कुछ पाता है। संसार में बहुत से नस्लों की गाय है। परन्तु भारत में देशी हरियाणा शाहीवाल गिर जर्सी फिजियन आदि अनेक प्रकार की गाय पाई जाती है। कुछ नस्ले अधिक दूध उत्पादन करती है।जबकि कुछ नस्ल कम ।

गुरुद्वारा ,गुरुघर (निबंध) Gurudwara

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गुरुद्वारा सिक्ख धर्म का पूजा अर्थात इबादत स्थल है । इसे गुरुघर भी कहा जाता है । यहां सिक्ख धर्म का पालन करने वाले लोग अपने अपने घर से निकल कर आते हैं । वह लोग अपने साथ भोग प्रसाद के लिए मिष्ठान और अच्छे अच्छे पकवान बनाकर लाते हैं । गुरुघर में अपने धर्म ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब  का समर्पित भाव से सुमिरन और पाठ करते हैं। सिक्ख समाज के लोग अपने अपने घर से आकर यहां हो रहे कीर्तन में हिस्सा लेते हैं।  यहां सिक्ख धर्म के प्रत्येक त्यौहार पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रकाश पर्व गुरु नानक जयंती गुरु गोविंद सिंह जयंती आदि यही मनाई जाती है। इन आयोजनों में पहले कीर्तन और प्रवचन होते हैं। तत्पश्चात प्रसाद वितरण एवम् लंगर अर्थात भोज भंडारा का प्रबंध बड़े स्तर पर रहता है । सामान्यतया यहां पर सुबह और शाम को कीर्तन प्रवचन होता है। यदि स्थानीय सिक्ख समुदाय के लोगों में से किसी की मृत्यु होती है तो भी यहां पर नाश्ता और भोजन का प्रबंध किया जाता है। 

चर्च, गिरिजाघर(निबंध) Church

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  चर्च ईसाई धर्म का धार्मिक एवं पूजा स्थल है। ईसाई धर्म को मानने वाले लोग इस स्थान पर अपने धर्म के अनुसार पूजा अर्चना करते हैं। चर्च में प्रवेश करने वाले का मन मस्तिष्क वातावरण के प्रभाव से एकदम शांत एवम् पवित्र हो जाता है ।  ईसाई धर्म के लोग ईसा मसीह का पूजा पाठ एवम् स्मरण सुमिरन करते हैं। यह लोग ईसा मसीह के जन्म दिवस एवम् बलिदान दिवस को मनाते हैं। ईसाई धर्म के त्यौहार क्रिसमस गुड फ्राइडे आदि यही पर मानते जाते है। ईसाई धर्म के लोग नियमित रूप से यहां सुबह शाम को चर्च में जाते है।यहां पर ईसाई लोग अपने धर्म ग्रंथ बाइबिल में बताए गए नियम के अनुसार अपने सारे धार्मिक कार्य संपन्न करते हैं।सामान्यतया ईसाई लोग विवाद से अपने आप को दूर रखते है और शांतप्रिय होते है। अत्यधिक पढ़े लिखे अर्थात शिक्षित होने के बावजूद यह लोग अपने धार्मिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए चर्च अर्थात गिरिजाघर में जाते है। संसार के मालिक रूपी अदृश्य शक्ति को ईसा मसीह के रूप में मानते हुए पूजा और उपासना करते है।

मस्जिद (निबंध) Mosque

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  मस्जिद मुस्लिम धर्म का विशेष महत्त्व का स्थान है । यहां मुस्लिम समाज के लोग अपने अपने घर से निकल कर आते है । वे लोग यहां इबादत अर्थात अपने धर्म के अनुसार पूजा करते है।  प्रत्येक धर्म के अपने पूजा अर्चना की पद्धति है उसी का पालन करते हुए पूजा की जाती है । मुस्लिम धर्म के संस्थापक मोहम्मद हज़रत साहब ने समाज के  अपने अनुयायियों के लिए इस धर्म की स्थापना किया था । जिससे वे लोग नैतिकता और सदाचार के रास्ते पर चले । मुसलमान लोग मस्जिद में नमाज अदा करने से पहले उजू बनाते हैं। यानी पहले वह लोग अपने अपने शरीर को स्वच्छ साफ बनाते हैं।जिससे वह लोग अल्लाह अर्थात ऊपर वाले पर शान्त मन से अपने हृदय को लगा सके। मस्जिद में किसी प्रकार की कोई फोटो या मूर्ति नहीं होती हैं। मस्जिद गोल गुम्बद के नीचे एक बड़ा हाल जैसा स्थान होता है। जहा पर समूह में लोग संसार बनाने वाले तथा संसार नियंत्रित करने वाले अदृश्य संसार के मालिक को याद करते हैं और अनजाने में अपने द्वारा किए गए गलत कृत्योंके लिए क्षमा अर्थात माफी मांगते हैं।

गुरु (निबंध) Mentor

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                  गुरु की महिमा महान है                जो ना समझे तो नादान है। गुरु और शिष्य का रिश्ता अंतर मन  का रिश्ता है जो स्वतः जुड़ जाता हैं । एक मनुष्य अपने जीवन में अनेक प्रकार के लोगो से मिलता है । तरह तरह के कार्य सीखता है , विभिन्न विषयों पर विचारो को सुनता है । नाना प्रकार से समाज में लोगों की मदद को प्रस्तुत होता है । इसके साथ ही साथ अनेक विधियों से लोगो की मदद को तैयार रहता है। फिर भी वह उपरोक्त वर्णित व्यकित्यों को गुरु मानने को तैयार नहीं होता ऐसा क्यों ?             गुरु कुम्हार शिष्य कुंभ है              गढ़   गढ़    काढ़े  खोट । गुरु के कृत्य केवल शिष्य के उन्नति के लिए होते हैं। मनुष्य कैसा भी हो दीक्षा लेने के उपरांत वह गुरु के पुत्र के समान होता है। इसलिए सदगुरु पिता और पुत्र के सम्बन्ध की तरह शिष्य को सन्मार्ग पर प्रेरित करते है। गुरु अपने जप तप पुण्य धर्म कर्म के फल के द्वारा भी शिष्य ...

शिक्षक (निबंध) Teacher Master

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शिक्षक का काम या  पेशा महान है । वह मनुष्य को जीवन में आवश्यक प्रत्येक जानकारी देता है । जिससे वह संसार में सफल जीवन जी सकें ।वह अपने छात्रों को उनके स्तर की शिक्षा प्रदान करता है । कहते है : शिक्षक है छात्रा निर्माता  छात्रा राष्ट्र के भग्य विधाता। सामान्य तौर पर एक शिक्षक छात्र को केवल संबंधित विषय के लिए नियुक्त एवम् जिम्मेदार होता परन्तु विद्यालय में आयोजित होने वाले विभिन्न क्रिया कलापों से वह विद्यार्थियो को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की जानकारी देता है।  छात्र विद्यालय में शिक्षक के सानिध्य में रहकर नाना प्रकार गुण केवल अनुकरण करके सीख लेते हैं। शिक्षक उन्हें ज्ञान के साथ ही साथ चलना खड़े होना बैठना बात चीत करना आदि विभिन्न सीख तो मात्र अनुकरण करने की क्रिया से ही प्रदान कर देता है । शिक्षक अपने आदर्श अनुकरणीय आचरण से सदाचार का पाठ पढ़ाता है  तो छात्रों का तुलनात्मक समीक्षा करके उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संचार करता है । विद्वतजन कहते है :  प्रतिस्पर्धा और तुलना विकास के दो महामंत्र है। शिक्षक छात्रों के समग्र विकास के लिए अपना शत प्रतिशत छात्रों को दे...

सिनेमा , मूवी,चलचित्र (निबंध)Film Cinema Movie

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  चलचित्र जगत का मानव जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है । इसके द्वारा स्वस्थ मनोरंजन से परिपूर्ण समाज का निर्माण संभव किया जा सकता है। मनोरंजन और संगीत मनुष्य जीवन में नई ऊर्जा का उत्पादन और प्रवाह करते हैं।  मनुष्य का जीवन इस इक्कीसवीं शताब्दी में मशीन अर्थात इंजन की तरह हो गया है । ऐसे में जीवन में सफल असफल संघर्षरत सभी प्रकार के समाज के लिए सिनेमा जगत उत्साहजनक परिणाम प्रस्तुत करता है। चलचित्र को सिनेमा या मूवी अथवा फिल्म भी कहते हैं। चलचित्र का संसार के सभी क्षेत्रों पर प्रभाव देखा जाता है।यह एक ऐसा माध्यम है जो मनुष्य को जीवन में प्रेरणा देने का कार्य करता है। चलचित्र मनुष्य के जीवन शैली अर्थात लाईफ स्टाइल का मार्गदर्शन करता है।इसके द्वारा संचालित फिल्मों को देखकर लोग अपने लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं। उस पर अमल करके उद्देश्य पूर्ति भी कर सकते हैं। चलचित्र को गंभीरता से देखकर मनुष्य जीवन में घटित होने वाली परिस्थितियों के लिए अपने मन को तैयार कर सकता है। जिससे अचानक आयी परिस्थिति का सामना किया जा सके।  चलचित्र जगत के द्वारा किसी देश के नागरिकों को आदर्श और नैतिक पथ पर अग्...

कम्प्यूटर (निबंध) Computer An unique gadget

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  कम्प्यूटर मानव जीवन की आवश्यक जरूरत है ।आज के दौर में कम्प्यूटर के अभाव में सामान्य जीवन की कल्पना भी नही की जा सकती । मनुष्य के द्वारा होने वाले सारे कार्य आज कम्प्यूटर पर किए जाते है । संसार में जितने भी क्षेत्र है सभी में कम्प्यूटर का प्रयोग होता है । अतः यह परम सत्य प्रतीत होता है कि यदि मनुष्य को जीवन सामान्य रूप से जीना हा तो कम्प्यूटर का ज्ञान परम आवश्यक है। कंप्यूटर कई प्रकार का होता है। सामान्यतया लोग डेस्कटॉप और लैपटॉप दो नमो से जानते हैं । डेस्कटॉप कंप्यूटर एक मेज और आफिसों कार्यालयों में प्रयोग किया जाता है ।  लैपटॉप कंप्यूटर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान होता है। इसको सरलता से कार्यालयों से घर और घर से कार्यालय पर ले जा सकते हैं। कम्प्यूटर विभिन्न क्षमता के हो सकते है। इनके उपकरणों और पुरजो के आधार पर इनकी क्षमता निर्भर करती है।