वाराणसी (निबंध) Varanasi or Kashi
वाराणसी का प्राचीन नाम काशी है । ऐसी मान्यता है कि यह विश्व का प्राचीनतम शहर है । यह भी कहा जाता है कि यह त्रिशूल पर स्थित है। यह संसार की आध्यात्मिक राजधानी अर्थात केंद्र बिंदु माना जाता है। यह गंगा नदी के किनारे बसा है ।
हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से मुख्य विश्वनाथ जी का मंदिर यहां पर स्थित है । यह गंगा नदी के दशाश्वमेध घाट के पास है । सुबह चार बजे से ही साधु संत श्रद्धालु तथा पुजारी लोग पूजा अर्चना में लीन हो जाते हैं।
वाराणसी में गंगा नदी के किनारे इसकी प्राचीन धरोहर और विरासत के भव्य आकर्षण है। यह नजारा यह दर्शाता है कि इस शहर का प्राचीन इतिहास अत्यधिक गौरवशाली एवम् वैभव संपन्न था ।
लगभग सभी आध्यात्मिक संस्थाओं की शाखाएं एवम् कार्यालय यहां निर्मित किए गए हैं। विभिन्न संत जैसे कबीर रविदास तुलसीदास आदि के भी मंदिर एवम् कार्यालय यहां पर स्थित है
काशी विश्वनाथ मंदिर संकट मोचन मंदिर तुलसी मानस मंदिर रत्नेश्वर महादेव मंदिर दुर्गाकुंड आदि यहां के प्रमुख आकर्षण है। हजारों की संख्या में यहां मंदिर है
गंगा नदी के किनारे लगभग अस्सी घाट है जहां लोग अपनी अपनी आस्था के अनुसार पूजा प्रार्थना करते हैं । घाटों पर नाव के द्वारा पर्यटन का भी आनंद लेते हैं।
बौद्ध धर्म का तीर्थ सारनाथ यहां से लगभग 10 किलो मीटर दूर है । बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगो का आना जाना लगा रहता है।
राम नगर का किला लगभग 10 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां भी दर्शकों का आवागमन रहता है ।

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