कपड़ा (निबंध) , Textile or Cloth


 

कपड़ा मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक एवम् अत्यधिक उपयोगी वस्तु है । कपड़े के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है । प्रत्येक मौसम जाड़ा गर्मी बरसात शिशिर ऋतु के आगमन पर लोग अपने वस्त्रों को बदलते हैं।

कपड़ा धागा से बनता है । सबसे पहले रेशे से धागा बनता है फिर धागे को लूम के द्वारा बुनाई करके कपड़े बनाए जाते हैं। धागा कई तरह का होता है। सूती पॉलिस्टर टेरीकॉट ऊनी आदि प्रकार के धागे होते हैं।

कपड़ा हमें सर्दी के मौसम में ठंड़क से बचाता है । सर्दी से बचने के लिए हम तरह तरह के वस्त्र पहनते हैं ।इस मौसम में ऊनी वस्त्रों का विशेष महत्व है। सब लोग अपने अपने आर्थिक स्थिति के अनुसार कपड़े खरीदकर पहनते हैं। कुछ लोग स्वेटर तो कुछ सूट खरीद कर या सिलवाकर पहनते है।

कपड़ा बेचने वाले लोगो की अलग एक नई बाज़ार भी लग जाती है। कुछ लोग मफलर मोजा इनर आदि बेचते हैं । वहीं कुछ लोग स्वेटर जैकेट कोट उनी पैंट आदि का व्यवसाय करते है।

कपड़ा बनाने के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण रेशा और धागा है। 


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